जब हम मौन होते हैं तो लोग हमें सुनने के लिए उत्सुक होने लगते हैं, उनकी यही उत्सुकता हमें कुछ कहने के लिए उकसाती भी है, लेकिन यह भी सत्य है कि मौन के क्षणों में ही लोगों को अधिक स्पष्टता से सुना जा सकता है....
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Read in your own script
Roman(Eng)
ગુજરાતી
বাংগ্লা
ଓଡ଼ିଆ
ਗੁਰਮੁਖੀ
తెలుగు
தமிழ்
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
हिन्दी
Via chitthajagat.in
0 comments:
Post a Comment