विश्वास या प्रश्न

एक बार में एक ही काम किया जा सकता है- विश्वास अथवा प्रश्न। दोनों का एक साथ होना सम्भव नहीं है।

3 comments:

प्रदीप मानोरिया said...

यथार्थ जब सवाल है तो ्विश्वास नहिं

pange said...

sab kuck kehke kehta hai ankahi hai

Pinchu said...

agar dono kaam saath mai ho gaye toh. mere khyal sai dono ho sakte hai