मौन

मौन स्वयं में एक संवाद है
इसको समझने की प्रक्रिया, प्रेम में उतरने की प्रक्रिया है.....
शब्दों का चलन बाज़ार में होता है
बाज़ार में मौन नहीं चलता
मौन की भाषा
संवेदना की भाषा है

1 comment:

Pinchu said...

maun rakh kar bhai koi aage nahi badh sakta. lagta hai aap ko maun rakhne ka shounk hai